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सीआईएसएफ का जवान ही निकला एके 47 का चोर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 12 2019 3:00PM
सीआईएसएफ का जवान ही निकला एके 47 का चोर

सुधीर

जगदलपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। दंतेवाड़ा जिले के बचेली में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की लौह अयस्क खदान की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवान की एक एके 47 रायफल और 30 राउंड कारतूस शुक्रवार को चोरी हो गई थी।

पुलिस ने मामले की तत्परता से छानबीन कर 24 घंटे के अंदर ही आरोपित को दबोच लिया। हथियार चुराने वाला यह शख्स सुरक्षा में तैनात इन्हीं जवानों का साथी पांडेश्रवण निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। जवान मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है, उससे हथियार और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। इसी के साथ इस जवान के बारे में और भी कई खुलासे हुए हैं। दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने शनिवार को बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद सभी सीसीटीवी फूटेज को स्कैन किया गया। इस दौरान एक फूटेज में चार जवान सामान लेकर बाहर जाते नजर आए। यह जवान छुट्टी पर जा रहे हैं, ऐसा बताया गया।

इन जवानों से पूछताछ की गई। कॉन्स्टेबल पांडेश्रवण के बैग की जब तलाशी ली गई तो उसमें गन का ऑयल और कपड़ा मिला। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गन चुराना स्वीकार कर लिया। पहले उसने बताया कि वह गन बिलासपुर में एक ठेकेदार को बेच चुका है। इसके बाद जब और ज्यादा पूछताछ हुई तो उसने बताया कि बिलासपुर में एनटीपीसी सीपत के अहाते के बाहर घनी झाड़ियों में उसने गन छिपाई है। उसने बताया कि वह इस गन को लेकर तमिलनाडु जाना चाहता था। जहां कुछ लोगों से उसकी पारिवारिक दुश्मनी थी। वह उनकी हत्या करना चाहता था।

आरोपित जवान के सर्विस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि साल 2011 में नियम विरुद्ध कार्यशैली की वजह से उसे बीएसएफ की नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उसने इस बात को छिपाते हुए साल 2012 में सीआईएसएफ में नौकरी ज्वाइन कर ली। उसके फोन खंगालने पर कई महिलाओं और लड़कियों से बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। इसके साथ ही उसके नाम से कई बैंक खाते हैं और आय से कहीं अधिक खर्च का रिकॉर्ड मिला है।

पुलिस अभी मामले की तहकीकात कर रही है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व दंतेवाड़ा जिले के कासुली के पुलिस कैम्प से बंदूक चोरी हुई थी कांस्टेबल राजू माओवादियों के साथ मिलकर पांच सालों से शस्त्रागार से बंदूक व गोलियां चोरी करके माओवादियों को बेच रहा था। एके 47 वह हथियार है, जिससे पानी के अंदर से हमला करने पर भी गोली सीधे जाती है। गोलियों की गति इतनी तेज होती है कि पानी का घर्षण भी उसे कम नहीं कर पाता है, 600 राऊंड मिनट चलने वाला यह हथियार लगभग 2346 फुट/सेकंड गति से दुश्मन को हिलने का भी मौका नहीं देता उसे वहीं पर नेस्तनाबूद कर देता है। हिन्दुस्थान समाचार

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